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24 घंटे में माफी या कोर्ट की लड़ाई?

सीएम भगवंत मान की पत्नी के लीगल नोटिस को खैहरा ने फाड़ा, मजीठिया की बारी बाकी

आरके सेठी
चंडीगढ़, 4 सितम्बर।

“रेप केस सेटलमेंट” बवंडर मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर ने कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा और शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को कानूनी नोटिस भेजकर उनके खिलाफ की गई कथित मानहानिकारक टिप्पणियों और सोशल मीडिया सामग्री को हटाने, वापस लेने तथा सार्वजनिक माफी मांगने को कहा है। नोटिस में 24 घंटे की समय-सीमा दी गई है और मांग पूरी नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

खैहरा ने नोटिस का जवाब कागज फाड़कर दिया

नोटिस मिलने के बाद सुखपाल सिंह खैहरा ने फेसबुक लाइव के दौरान उसकी प्रति कैमरे के सामने फाड़ दी। खैहरा ने साफ कहा कि वह नोटिस का कोई जवाब नहीं देंगे और गुरप्रीत कौर को चुनौती दी कि अगर उन्हें लगता है कि उन्होंने मानहानिकारक बात कही है तो उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया जाए। खैहरा ने कहा कि जो कार्रवाई करनी है, की जाए।

नोटिस में पोस्ट, वीडियो और कथित CCTV सामग्री पर आपत्ति

गुरप्रीत कौर की ओर से भेजे गए नोटिस में खैहरा की सोशल मीडिया गतिविधियों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। इसमें X और फेसबुक पर साझा किए गए कथित आपत्तिजनक पोस्ट, ग्राफिक्स और वीडियो के अलावा एक कथित CCTV रिकॉर्डिंग का भी जिक्र है। नोटिस में इन सामग्रियों को हटाने और स्थायी रूप से वापस लेने के साथ लिखित तथा वीडियो के जरिए स्पष्ट और बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की गई है। भविष्य में ऐसी सामग्री प्रकाशित या प्रसारित नहीं करने की चेतावनी भी दी गई है।

मजीठिया ने कहा- नोटिस मिला ही नहीं, मिला तो स्वागत करेंगे

इस पूरे घटनाक्रम में अब सबसे महत्वपूर्ण नया मोड़ बिक्रम सिंह मजीठिया की प्रतिक्रिया है। अमृतसर में मजीठिया ने कहा कि उन्हें अभी तक गुरप्रीत कौर की ओर से कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि नोटिस मिलता है तो उसका स्वागत करेंगे। साथ ही उन्होंने अपने आरोपों से पीछे हटने के बजाय कहा कि वह पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं और न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे।

मजीठिया ने आरोपों पर फिर कायम रहने का संकेत दिया

मजीठिया ने दावा किया कि इस मामले में पीड़ित परिवारों को पहले धमकियां मिलीं और अब उन्हें भी धमकी भरे फोन आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बलात्कार के आरोपियों को बचाने के लिए पांच करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई और पूरे मामले में पुलिस तथा सरकार की मिलीभगत रही।

कथित रिकॉर्डिंग बनी कानूनी टकराव की वजह

मजीठिया ने 2 सितंबर को इस विवाद से जुड़ी कथित ऑडियो-वीडियो सामग्री सार्वजनिक की थी। उनका दावा था कि इसमें कथित बिचौलियों और डॉ. गुरप्रीत कौर के एक रिश्तेदार के बीच पैसों और मामले को प्रभावित करने से जुड़ी बातचीत है। खैहरा ने भी इस सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए मुख्यमंत्री और पंजाब पुलिस से सवाल किए थे।

गुरप्रीत कौर का रुख बिल्कुल उलट है

डॉ. गुरप्रीत कौर ने इन आरोपों को झूठा और मानहानिकारक बताया है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ दुर्भावनापूर्ण सामग्री और आरोप फैलाए जा रहे हैं। इसी के जवाब में उन्होंने पहले संबंधित सेवानिवृत्त न्यायाधीश को और अब खैहरा तथा मजीठिया को कानूनी नोटिस भेजकर कानूनी रास्ता अपनाया है।

अब सवाल कोर्ट तक पहुंचने वाली लड़ाई का है

मुख्यमंत्री की पत्नी ने विपक्ष के दो प्रमुख नेताओं को एक साथ कानूनी चुनौती दी है। एक नेता ने नोटिस सार्वजनिक रूप से फाड़कर अदालत में सामना करने की चुनौती दी है, जबकि दूसरे ने नोटिस मिलने पर उसका स्वागत करने की बात कही है। अब देखना यह है कि 24 घंटे बाद यह लड़ाई बयानबाजी तक रहती है या सचमुच अदालत की चौखट तक पहुंचती है।

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