इंसाफ कमेटी के आह्वान पर प्रदेशभर में प्रदर्शन; पटियाला और राजपुरा में पुलिस से धक्का-मुक्की, तलवंडी साबो में एक किसान घायल, मौर क्षेत्र में दो नेताओं के बीच भी हुई तकरार

आरके सेठी
चंडीगढ़, 19 अक्टूबर।
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद उठी इंसाफ की मांग अब पंजाब में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के मंत्रियों और विधायकों के घरों तक पहुंच गई है। सोमवार को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शनकारियों ने नेताओं के आवासों और दफ्तरों के बाहर ‘लाहनत पत्र’ सौंपे और कुछ जगहों पर इन्हें दीवारों तथा मुख्य गेट के पास चिपका दिया। कई स्थानों पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारी बैरिकेड पार कर आगे बढ़ गए। पटियाला, राजपुरा और तलवंडी साबो में पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और तनाव की खबरें सामने आईं, जबकि बठिंडा जिले के मौर क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान दो नेताओं के बीच आपसी तकरार भी हुई। आंदोलन का संदेश साफ है- झोटा के परिवार को इंसाफ देने की मांग पर अब सत्ताधारी विधायकों और मंत्रियों से सीधे जवाब मांगा जा रहा है।
दोपहर 12 से 3 बजे तक प्रदर्शन का आह्वान
मानसा में गठित इंसाफ एक्शन कमेटी ने 19 अक्टूबर को दोपहर 12 से 3 बजे के बीच आम आदमी पार्टी के मंत्रियों और विधायकों के आवासों तथा दफ्तरों के बाहर प्रदर्शन करने की अपील की थी। कमेटी ने प्रदर्शनकारियों से कहा था कि वे नेताओं से टकराव करने के बजाय लाहनत पत्र सौंपें या उनके आवासों के बाहर चिपका दें। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर पुलिस की रोक और प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान तनाव पैदा हुआ। कमेटी ने इन पत्रों के जरिये झोटा की हत्या के बाद सत्ताधारी विधायकों की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। यह कमेटी का राजनीतिक आरोप है; संबंधित नेताओं की प्रतिक्रिया और सरकार का पक्ष भी इस विवाद का अहम हिस्सा है।
पटियाला: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के आवास पर धक्का-मुक्की
पटियाला में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के आवास के बाहर विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे दिखाकर विरोध दर्ज कराया। शिरोमणि अकाली दल के देहाती इंचार्ज जसपाल सिंह बिट्टू चट्ठा के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे हंगामा करने नहीं, बल्कि इंसाफ कमेटी और पीड़ित परिवार की ओर से तैयार लाहनत पत्र सौंपने आए हैं। पुलिस ने मंत्री के आवास के बाहर बैरिकेड लगाए थे। इन्हीं बैरिकेड के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पाने का आरोप लगाया।
राजपुरा: विधायक नीना मित्तल के आवास पर चिपकाया पत्र
राजपुरा में विधायक नीना मित्तल के आवास के बाहर किसान संगठनों और अन्य प्रदर्शनकारियों ने विरोध जताया। पुलिस ने आवास से करीब 50 मीटर पहले बैरिकेडिंग की थी, लेकिन प्रदर्शनकारी उसे पार कर विधायक के घर के बाहर पहुंच गए और वहां लाहनत पत्र चिपका दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन सिद्धूपुर, भारतीय किसान मजदूर यूनियन भारत और अकाली दल वारिस पंजाब दे से जुड़े प्रतिनिधि शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई और झोटा के परिवार को इंसाफ नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।
तलवंडी साबो: बैरिकेड के पास टकराव, किसान को चोट
बठिंडा जिले के तलवंडी साबो में विधायक प्रो. बलजिंदर कौर के आवास की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोकने की कोशिश की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच खींचतान हुई और बैरिकेड पार करने को लेकर टकराव बढ़ गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस खींचतान में भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर से जुड़े किसान बूटा सिंह, निवासी मलकााणा, को चोट लगी। इस घटनाक्रम ने दिखाया कि पत्र सौंपने के लिए शुरू किया गया अभियान कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव में बदल गया।
मोड़ क्षेत्र: प्रदर्शन के दौरान नेताओं में भी तकरार
बठिंडा जिले के मौर क्षेत्र के गांव मैसरखाना में विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना के दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन हुआ। इस दौरान अकाली दल वारिस पंजाब दे के हलका प्रभारी लखा सिंह सिधाना और एक अन्य अकाली नेता के बीच आपसी तकरार की खबर सामने आई। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि झोटा मामले को लेकर अलग-अलग संगठनों की भागीदारी के बीच कुछ स्थानों पर आपसी मतभेद भी सामने आए।
विजय सिंगला समेत कई नेताओं के आवासों पर पत्र
रिपोर्टों के अनुसार, मानसा के विधायक डॉ. विजय सिंगला के आवास के बाहर भी लाहनत पत्र चिपकाया गया। अलग-अलग जिलों में प्रदर्शनकारियों ने सत्ताधारी विधायकों और मंत्रियों के घरों तथा दफ्तरों तक पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया। जहां कोई प्रतिनिधि बाहर नहीं आया, वहां कुछ प्रदर्शनकारियों ने मुख्य गेट के पास या दीवार पर पत्र चिपकाए। कई स्थानों पर दफ्तरों के कर्मचारियों ने पत्र स्वीकार किए।
लाहनत पत्र में नौ मांगें, सरकार पर जवाब देने का दबाव
इंसाफ मोर्चे की ओर से जारी पत्र में नौ प्रमुख मांगें रखी गई हैं। इनमें मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के पुलिस महानिदेशक के इस्तीफे, परिवार की सहमति से पीजीआई चंडीगढ़ के वरिष्ठ डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम, हत्या और कथित नशा तस्कर-पुलिस-राजनीतिक गठजोड़ की सीबीआई जांच, तथा घटना स्थल पर झोटा की प्रतिमा लगाने की मांग शामिल है। इसके अलावा मानसा के दो थाना प्रभारियों, डीएसपी और ड्रग इंस्पेक्टर को बर्खास्त करने, झोटा के नाम पर खियाला कलां में ट्रॉमा सेंटर बनाने, आरोपियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक सुनवाई और कड़ी सजा की मांग भी की गई है। गोलीबारी में घायल चार लोगों के सरकारी खर्च पर इलाज और प्रत्येक को 20 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी पत्र में शामिल है।
13 अक्टूबर की हत्या से शुरू हुआ आंदोलन
परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा में एक मेडिकल स्टोर पर टकराव के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना फेसबुक लाइव के दौरान हुई थी। झोटा नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे। हत्या के बाद परिवार ने अंतिम संस्कार करने से इनकार करते हुए सीबीआई जांच और अन्य मांगें रखीं। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार सहित चार लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, हत्या में इस्तेमाल पिस्तौल भी बरामद कर ली गई है।

