पठानकोट से शुरू हुआ 4,000 किलोमीटर का अभियान, 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचेगी यात्रा; नितिन नबीन ने नशे के मुद्दे को युवा और परिवारों से जोड़ा, काफिले की घटना पर BJP-AAP आमने-सामने

आरके सेठी,
चंडीगढ़, 18 सितंबर।
BJP ने पंजाब में नशे के मुद्दे पर अपनी ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पठानकोट के माधोपुर स्थित एकता स्थल से पहले चरण की यात्रा को रवाना किया। इसी दिन पठानकोट पहुंचने से पहले BJP नेता रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले को बटाला के पास रोके जाने और अंडे, टमाटर तथा पत्थर फेंके जाने का आरोप सामने आया। BJP ने इसे AAP से जुड़े लोगों की कार्रवाई बताया, जबकि AAP ने अपने कार्यकर्ताओं की भूमिका से इनकार किया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन का दावा किया।
माधोपुर से शुरुआत, चार यात्राएं 117 विधानसभा क्षेत्रों तक जाएंगी
JP के अनुसार चार अलग-अलग यात्राएं 13 दिनों में 4,000 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करते हुए पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेंगी। पहली यात्रा माधोपुर से शुरू हुई, जबकि दूसरी 19 सितंबर को फतेहगढ़ साहिब, तीसरी 20 सितंबर को फाजिल्का के सदकी बॉर्डर और चौथी 21 सितंबर को तलवंडी साबो से शुरू होगी। चारों यात्राएं 30 सितंबर को जालंधर में जुटेंगी, जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संबोधन वाला समापन कार्यक्रम रखा गया है। पार्टी ने इस अभियान के साथ नशे के खिलाफ हेल्पलाइन 97149-02027 भी शुरू की है।
नितिन नबीन ने नशे को बताया ‘बिना वर्दी वाला दुश्मन’, कहा- गांवों और घरों तक पहुंच रहा है
माधोपुर में यात्रा को रवाना करते हुए नितिन नबीन ने नशे की समस्या को पंजाब के परिवारों से जोड़ते हुए कहा कि राज्य ऐसे दुश्मन का सामना कर रहा है जो दिखाई नहीं देता और धीरे-धीरे घरों तक पहुंचता है। नबीन ने पंजाब की युवा पीढ़ी का जिक्र करते हुए कहा कि मेहनतकश किसान परिवारों से निकले युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल दिया गया और उनकी दिशा बदल गई। उन्होंने कहा कि यही पीढ़ी पंजाब के सम्मान और भविष्य की ताकत बन सकती थी। नबीन ने नशे से प्रभावित परिवारों को यात्रा से जोड़ते हुए कहा कि BJP उन परिवारों के साथ चलेगी जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। उन्होंने नशे की समस्या को केवल व्यक्तिगत नुकसान के बजाय परिवार और समाज पर पड़ने वाले असर के रूप में रखा और अभियान को इसी व्यापक संदर्भ में आगे बढ़ाने की बात कही।
नबीन ने राजनीतिक दलों पर नशे के मुद्दे को सत्ता के लिए इस्तेमाल करने और संरक्षण देने का आरोप लगाया
नितिन नबीन ने पंजाब के राजनीतिक दलों पर आरोप लगाया कि उन्होंने सत्ता हासिल करने के लिए नशे के मुद्दे का इस्तेमाल किया और बाद में नशे के कारोबार को मुनाफे के स्रोत की तरह लिया। उन्होंने राजनीतिक संरक्षण के कारण इस कारोबार के फलने-फूलने का भी आरोप लगाया। नबीन ने AAP सरकार पर भी नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए और कहा कि केवल तारीखें देने से समस्या खत्म नहीं होगी। ये नबीन के राजनीतिक आरोप हैं। उनके अभियान में तस्करों पर कार्रवाई, सप्लाई चेन तोड़ना, नशे से बनी संपत्तियों की जब्ती और नशे की गिरफ्त में आए युवाओं के पुनर्वास जैसे मुद्दे शामिल हैं।
केवल ढिल्लों ने कहा- यह सिर्फ राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, युवाओं और परिवारों को बचाने का जनआंदोलन
पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने यात्रा से पहले DGP गौरव यादव से मुलाकात कर सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था की मांग की थी। उन्होंने यात्रा के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा, “यह सिर्फ राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पंजाब के युवाओं और परिवारों को नशे के खतरे से बचाने के लिए जनआंदोलन खड़ा करने की कोशिश है।” ढिल्लों ने नशे को पंजाब की बड़ी चुनौती बताते हुए अपराध, गैंग कल्चर और एक्सटॉर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने पुलिस से कहा था कि यात्रा के रास्ते में कोई असामाजिक या शरारती तत्व बाधा न डाल सके।
ढिल्लों ने तीन महीने के वादे पर AAP सरकार को घेरा, बताया पांच बच्चों वाली मां का दर्द
ढिल्लों ने AAP सरकार के सत्ता में आने से पहले तीन महीने में नशा खत्म करने के वादे का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि स्थिति इसके विपरीत है और नशा घरों तक पहुंच रहा है। इससे पहले 30 अगस्त को उन्होंने एक महिला का उदाहरण देते हुए बताया था कि उसने अपने पांचों बच्चों के नशे की गिरफ्त में आने का दर्द साझा किया था। ढिल्लों ने कहा था कि पंजाब में नशे की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है और सामाजिक ढांचे को प्रभावित कर रही है। इसी संदर्भ में उन्होंने पंजाब सरकार पर समस्या खत्म करने में विफल रहने का आरोप लगाया था।
यात्रा शुरू होने से एक दिन पहले BJP ने नशे से प्रभावित परिवारों को लेकर ‘मावां मंगदियां जवाब’ कार्यक्रम किया। इसमें परिवारों ने अपने अनुभव और नशे से हुए नुकसान के बारे में बताया। अबोहर की एक मां ने कहा कि उसे मुफ्त योजनाएं नहीं चाहिएं, बल्कि अपने परिवार को नशे से बचाना है। कार्यक्रम में सामने आए परिवारों ने कार्रवाई और न्याय की मांग रखी।
बटाला के पास बिट्टू के काफिले पर अंडे-टमाटर और पत्थर फेंके जाने का आरोप, AAP ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन बताया
रवनीत सिंह बिट्टू अमृतसर से पठानकोट जा रहे थे। बटाला के पास घसीटपुरा इलाके में उनके काफिले को लेकर विवाद हुआ। बिट्टू ने आरोप लगाया कि लोगों ने काफिले को घेरा और वाहनों पर अंडे, टमाटर तथा पत्थर फेंके। उन्होंने कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचने और कुछ लोगों के पकड़े जाने की बात भी कही तथा इस घटना को AAP से जुड़े लोगों से जोड़ा। दूसरी तरफ AAP नेता जोबन रंधावा ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि कार्यकर्ता शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे और बिट्टू के समर्थकों ने प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया। दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
बिट्टू ने सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए, ढिल्लों बोले-“अंडे फेंककर BJP को नहीं रोक सकते”
घटना के बाद बिट्टू ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को जानकारी देने की बात कही और आरोप लगाया कि यदि उन्हें या उनके साथियों को कोई नुकसान होता है तो पंजाब के मुख्यमंत्री और DGP जिम्मेदार होंगे। BJP ने घटना की निंदा की। ढिल्लों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “अंडे फेंककर आप BJP को नहीं रोक सकते।” उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना के बावजूद नशा मुक्त पंजाब यात्रा जारी रहेगी। इस घटनाक्रम के बाद यात्रा के नशा विरोधी एजेंडे के साथ सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का मुद्दा भी पहले दिन की राजनीतिक बहस में शामिल हो गया।
AAP ने यात्रा को ‘राजनीतिक नौटंकी’ बताया, BJP से 2007-17 का रिकॉर्ड बताने को कहा
AAP पंजाब के मीडिया प्रभारी और नशा मुक्ति मोर्चा के मुख्य प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने BJP की यात्रा को “राजनीतिक नौटंकी” बताया। उन्होंने कहा कि BJP को 2007 से 2017 के दौरान अपनी भूमिका का जवाब देना चाहिए, जब वह अकाली दल के साथ पंजाब सरकार में थी। पन्नू ने सवाल उठाया कि उस समय नशे के खिलाफ ऐसा राज्यव्यापी अभियान क्यों नहीं चलाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि नशे के खिलाफ किसी भी प्रयास का स्वागत है, लेकिन BJP को पहले अपने रिकॉर्ड पर जवाब देना चाहिए।
पन्नू ने नशे के मुद्दे पर BJP के पंजाब-केंद्रित अभियान को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि नशे की समस्या दूसरे राज्यों में भी है। उन्होंने सीमा से जुड़े जिलों और BSF की जिम्मेदारी का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाया और पूछा कि सीमा पार से पंजाब में नशा आने से रोकने के लिए केंद्र क्या कर रहा है। AAP की ओर से यह भी कहा गया कि नशे के मुद्दे पर पंजाब को अलग से निशाना बनाने के बजाय व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जरूरत है।
30 सितंबर को जालंधर में समापन, पहले दिन ही नशे के मुद्दे पर BJP-AAP की सीधी भिड़ंत
BJP की चारों यात्राओं का समापन 30 सितंबर को जालंधर में प्रस्तावित है। शुरुआत से ही पार्टी ने नशे को अभियान का केंद्रीय मुद्दा बनाया है। नितिन नबीन ने नशे को परिवारों और युवा पीढ़ी से जोड़ा, केवल ढिल्लों ने इसे जनआंदोलन बताया और AAP सरकार पर सवाल उठाए। जवाब में AAP ने BJP के पुराने रिकॉर्ड, केंद्र की भूमिका और पंजाब पर केंद्रित अभियान को लेकर सवाल खड़े किए। इसी दौरान बिट्टू के काफिले की घटना ने पहले ही दिन BJP-AAP के बीच कानून-व्यवस्था और राजनीतिक टकराव का दूसरा मुद्दा भी सामने ला दिया है।

