किसानों से धरने की जगह सीधे बातचीत की अपील, मुलाजिमों का DA 50% किया; कल लुधियाना में चुनावी पैंफलेट जारी, 20 सितंबर से 2.68 लाख कार्यकर्ता घर-घर जाएंगे

आरके सेठी,
चंडीगढ़,18 सितंबर।
पंजाब की राजनीति में शुक्रवार का दिन आम आदमी पार्टी सरकार के लिए तीन अलग-अलग मोर्चों से जुड़ा रहा। लुधियाना में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसान संगठनों से सीधे बातचीत का संदेश दिया, पंजाब सरकार ने मुलाजिमों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ते (DA) को 50 प्रतिशत करने का फैसला किया और AAP ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपना इलेक्शन कैंपेन जमीन पर उतारने का कार्यक्रम घोषित कर दिया। तीनों घटनाएं अलग-अलग वर्गों से जुड़ी हैं, लेकिन एक ही दिन में इनका सामने आना सरकार और सत्तारूढ़ पार्टी की मौजूदा राजनीतिक सक्रियता की एक बड़ी तस्वीर पेश करता है।
किसान मेले में मान का ‘मित्र कीड़ा’ वाला अंदाज
लुधियाना स्थित पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) के किसान मेले में भगवंत मान ने किसान संगठनों से अपनी समस्याओं के लिए पहले बातचीत का रास्ता अपनाने को कहा। उन्होंने कहा कि किसान पहले धरना लगाते हैं और उसके बाद मीटिंग की मांग करते हैं। इसी दौरान मान ने हल्के अंदाज में कहा- “मैं आपका मित्र कीड़ा हूं, मेरे पर भी स्प्रे कर देते हो।” मुख्यमंत्री का यह बयान किसान संगठनों के साथ उनके संवाद के संदर्भ में आया, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि समस्याओं को सड़क पर आंदोलन तक ले जाने से पहले सरकार के साथ बातचीत की जा सकती है।
नहरी पानी और खेती की लागत पर जोर
किसान मेले में मुख्यमंत्री ने नहरी पानी के विस्तार को सरकार की उपलब्धियों में शामिल किया। उन्होंने दावा किया कि जिन क्षेत्रों में नहरी पानी पहुंचा है, वहां भूजल स्तर में सुधार हुआ है और किसानों के डीजल तथा जनरेटर पर होने वाले खर्च में कमी आई है। मान ने खेती की लागत घटाने के लिए मिट्टी की जांच के आधार पर फसल और कीटनाशकों का इस्तेमाल करने की सलाह दी। उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीक अपनाने और कृषि में ऐसे तरीकों को बढ़ावा देने की अपील की, जिनसे जमीन और पानी दोनों पर दबाव कम हो।
पराली पर भी सरकार का संदेश
पराली के मुद्दे पर मान ने किसानों से फसल अवशेष न जलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसानों पर केस दर्ज करने के बजाय पराली प्रबंधन का समाधान चाहती है और केंद्र सरकार से इसके लिए किसानों को आर्थिक इंसेंटिव देने की मांग भी रखी। मुख्यमंत्री के किसान मेले वाले संबोधन में खेती की लागत, भूजल, पराली और किसान संगठनों के साथ संवाद- ये सभी मुद्दे एक साथ सामने आए, जिससे सरकार की कृषि नीति और किसान संगठनों के साथ रिश्तों का पक्ष प्रमुखता से सामने आया।
मुलाजिमों के DA को 50 प्रतिशत करने का फैसला
इसी दिन पंजाब सरकार ने मुलाजिमों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ते में 8 प्रतिशत बढ़ोतरी का फैसला किया। बढ़ोतरी दो किस्तों में 4-4 प्रतिशत होगी और इसके बाद DA 42 प्रतिशत से बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाएगा। यह फैसला मुलाजिम और पेंशनर्स संगठनों के साथ कई सप्ताह से चल रहे गतिरोध के बीच आया है। लंबित DA किस्तों और एरियर सहित सेवा संबंधी कई मांगों को लेकर संगठनों की सरकार के साथ बातचीत चल रही थी और शुक्रवार का फैसला इसी बातचीत के बीच सामने आया।
DA फैसले से सरकार पर बढ़ेगा वित्तीय बोझ
DA में बढ़ोतरी का सीधा असर पंजाब सरकार के खजाने पर भी पड़ेगा। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष के बाकी सात महीनों में इस फैसले से करीब 1,750 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ आने का अनुमान है। इसके बावजूद सरकार ने 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। मुलाजिम संगठनों के लिए यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वे लंबे समय से लंबित वित्तीय लाभ और दूसरी सेवा संबंधी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे थे।
कल लुधियाना में पैंफलेट, फिर डोर-टू-डोर कैंपेन
इसी बीच AAP ने पंजाब में अपना इलेक्शन कैंपेन औपचारिक रूप से जमीन पर उतारने की तैयारी कर ली है। 19 सितंबर को लुधियाना में पार्टी का चुनावी पैंफलेट जारी किया जाएगा और इसके बाद 20 सितंबर से पूरे पंजाब में डोर-टू-डोर कैंपेन शुरू होगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने विधानसभा क्षेत्र धूरी से इस अभियान में शामिल होंगे। यानी शुक्रवार को कैंपेन की घोषणा के बाद शनिवार को उसका राजनीतिक संदेश सामने आएगा और अगले दिन से पार्टी का संगठन सीधे मतदाताओं के बीच पहुंचना शुरू करेगा।
2.68 लाख कार्यकर्ता पहुंचेंगे घर-घर
AAP के मुताबिक पार्टी के 2,68,553 बूथ कमेटी सदस्य और कार्यकर्ता राज्य के 25,332 मतदान केंद्रों के तहत घर-घर पहुंचेंगे। पार्टी इस डोर-टू-डोर कैंपेन में सरकार के काम और योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के साथ सदस्यता अभियान भी चलाएगी। पार्टी नेतृत्व इसे सरकार के करीब साढ़े चार साल के काम का रिपोर्ट कार्ड मतदाताओं तक पहुंचाने का माध्यम बता रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, व्यापार और खेल से जुड़े कामों को इस अभियान में शामिल किए जाने की बात कही गई है।
BJP की नशा मुक्त यात्रा के बीच AAP का इलेक्शन कैंपेन
AAP का यह इलेक्शन कैंपेन ऐसे समय शुरू हो रहा है जब BJP ने शुक्रवार को पठानकोट से 4,000 किलोमीटर की नशा मुक्त पंजाब यात्रा शुरू कर दी है। BJP की चार यात्राएं पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचेंगी और 30 सितंबर को जालंधर में इनके समापन का कार्यक्रम रखा गया है। BJP ने नशे को अपने अभियान का प्रमुख मुद्दा बनाया है और इसे कानून-व्यवस्था तथा भ्रष्टाचार से भी जोड़ रही है। इस तरह एक ही दिन पंजाब में BJP का स्टेटवाइड यात्रा अभियान शुरू हुआ और AAP ने अपने बूथ नेटवर्क को सक्रिय करने का कार्यक्रम सामने रख दिया।
एक तरफ सड़क पर यात्रा, दूसरी तरफ घर-घर कैंपेन
शुक्रवार की राजनीतिक तस्वीर में BJP और AAP के अभियान का तरीका अलग दिखाई देता है। BJP नशे के मुद्दे को लेकर 4,000 किलोमीटर की यात्रा के जरिए अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचने की तैयारी कर रही है, जबकि AAP अपने बूथ नेटवर्क को घर-घर भेजकर सरकार के काम का रिपोर्ट कार्ड जनता तक ले जाने वाली है। दोनों गतिविधियां अभी शुरुआती चरण में हैं, लेकिन 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब की राजनीति में सीधे जनता के बीच पहुंचने की कवायद तेज होने का संकेत जरूर देती हैं।
मान सरकार के सामने तीन अलग-अलग वर्ग
शुक्रवार की तीन प्रमुख घटनाएं तीन अलग-अलग वर्गों से जुड़ी रहीं- किसानों के साथ संवाद, मुलाजिमों के DA पर फैसला और पार्टी संगठन को घर-घर उतारने की तैयारी। इनका प्रशासनिक संदर्भ अलग है, लेकिन इनका एक ही दिन सामने आना राजनीतिक रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि AAP सरकार के सामने किसान संगठनों, मुलाजिम संगठनों और आम मतदाताओं से जुड़े अलग-अलग सवाल हैं। सरकार ने इन तीनों क्षेत्रों में एक साथ अपनी सक्रियता दिखाई है, जबकि BJP ने उसी दिन अपना नशा विरोधी अभियान शुरू किया है।

