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झोटा हत्याकांड: अश्विनी के घर-दुकान पर बुलडोजर चला, भीड़ ने आग लगा दी! कल पंजाब बंद

हत्या का आरोपी अश्विनी कुमार सालासर से गिरफ्तार, आंदोलनकारी अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़े; सीबीआई जांच और सीएम-डीजीपी के इस्तीफे की मांग

आरके सेठी
चंडीगढ़,14 अक्तूबर।

पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद बुधवार को शहर में तनाव बना रहा। मेडिकल स्टोर संचालक और हत्या के मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद प्रशासन ने उसके घर पर बुलडोजर चलाया तो भीड़ ने उसकी दूकान भी तोड़ दी। दूसरी ओर, गुस्साई भीड़ ने मेडिकल स्टोर में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। झोटा का परिवार अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़ा है। परिवार और आंदोलनकारी मामले में सीबीआई जांच तथा मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी गौरव यादव के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

मानसा में भारी पुलिस बंदोबस्त, सड़कों पर बैरिकेडिंग

हत्याकांड के विरोध में बुधवार को मानसा में पुलिस की भारी तैनाती रही। पुलिस ने बरनाला-मानसा रोड समेत प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग की। सड़कों के किनारे टिपर और ट्रक खड़े किए गए, ताकि जरूरत पड़ने पर रास्ते बंद किए जा सकें। आने-जाने वाले वाहनों को रोककर यात्रा का कारण पूछा गया और बस सेवाएं भी प्रभावित रहीं। शहर के कई बाजार, शिक्षण संस्थान और अधिकांश पेट्रोल पंप बंद रहे। प्रदर्शनकारी झोटा के परिवार को इंसाफ दिलाने और मामले में कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।

15 अक्टूबर को पंजाब बंद, एसजीपीसी ने किया समर्थन

झोटा हत्याकांड के विरोध में 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का आह्वान किया गया है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भी बंद का समर्थन किया है। बंद के आह्वान के पीछे झोटा के परिवार को न्याय दिलाने, सीबीआई जांच कराने और सरकार की जवाबदेही तय करने की मांगें हैं। गुरुवार को बंद के दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में इसका असर देखने को मिल सकता है।

सीबीआई जांच और सीएम-डीजीपी के इस्तीफे की मांग

परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में परिवार और आंदोलनकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनकी प्रमुख मांग मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई से कराने की है। आंदोलनकारी मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के डीजीपी गौरव यादव के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिलता, झोटा का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इस मांग के चलते हत्याकांड अब मानसा में विरोध प्रदर्शन से आगे बढ़कर राज्यव्यापी राजनीतिक मुद्दा बन गया है।

पिता की शिकायत पर एफआईआर, साजिश का आरोप

झोटा के पिता भीम सिंह की शिकायत पर मानसा सिटी-2 थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में अश्विनी कुमार के अलावा दो अन्य सहयोगियों और वारदात के समय फोन पर बात कर रहे एक व्यक्ति की कथित भूमिका का आरोप लगाया गया है। पिता ने शिकायत में अश्विनी को अपने बेटे पर गोली चलाते देखने की बात कही है। पुलिस मामले में आरोपों की जांच कर रही है।

डीआईजी बोले- अश्विनी ने रिश्तेदार को फोन किया था, डीएसपी की भूमिका नहीं मिली

बठिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह ने बुधवार को बताया कि शुरुआती जांच के अनुसार, गोलीबारी के समय अश्विनी कुमार फोन पर अपने एक रिश्तेदार से बात कर रहा था। झोटा के पिता की शिकायत में फोन पर मौजूद व्यक्ति समेत अन्य लोगों की कथित भूमिका को लेकर साजिश का आरोप लगाया गया है। डीआईजी के मुताबिक, अब तक जांच में किसी डीएसपी की भूमिका सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि आगे की जांच में यदि किसी अधिकारी की संलिप्तता या प्रतिकूल तथ्य सामने आते हैं, तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

फेसबुक लाइव के दौरान हुई गोलीबारी

13 अक्टूबर की सुबह मानसा में मेडिकल स्टोर पर झोटा और अश्विनी कुमार के बीच विवाद हुआ था। झोटा कथित तौर पर एक बुजुर्ग को नशीली दवाएं बेचे जाने को लेकर दुकानदार से सवाल कर रहे थे और फेसबुक लाइव कर रहे थे। इसी दौरान विवाद बढ़ा और गोलीबारी हुई। झोटा की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया।

नशे की समस्या से जूझे, फिर नशे के खिलाफ अभियान शुरू किया

परविंदर सिंह झोटा मानसा में नशे के खिलाफ अपनी मुहिम के कारण पहचाने जाते थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वह पूर्व खिलाड़ी रहे थे और खुद भी एक समय नशे की समस्या से जूझ चुके थे। बाद में उन्होंने अपनी जिंदगी को संभाला और नशीली दवाओं की कथित अवैध बिक्री के खिलाफ अभियान शुरू किया। वह मेडिकल स्टोरों पर पहुंचकर दुकानदारों से सवाल करते और अपने वीडियो फेसबुक पर लाइव करते थे। इसी वजह से स्थानीय स्तर पर उनकी पहचान एक ऐसे कार्यकर्ता के रूप में बनी, जो नशे के मुद्दे को सीधे सार्वजनिक बहस में लाते थे।

झोटा और अश्विनी के बीच 2023 में भी हुआ था विवाद

झोटा और अश्विनी कुमार के बीच जुलाई 2023 में भी विवाद हुआ था। उस समय झोटा और उनके समर्थकों ने अश्विनी पर प्रतिबंधित कैप्सूल बेचने का आरोप लगाया था। रिपोर्टों के अनुसार, अश्विनी को जूतों की माला पहनाकर बाजार में घुमाया गया था। इस घटना के बाद दोनों पक्षों के खिलाफ पुलिस मामले दर्ज हुए थे। पुराने विवाद के कारण मौजूदा हत्याकांड की पृष्ठभूमि भी चर्चा में है।

परिवार ने पुलिस और सरकार पर लगाए आरोप

झोटा के पिता भीम सिंह का आरोप है कि उनका बेटा नशे के खिलाफ अभियान चला रहा था और पहले भी शिकायतें करता रहा था। परिवार ने मामले में राजनीतिक संरक्षण की आशंका जताते हुए मानसा के विधायक विजय सिंगला का नाम भी लिया है। ये आरोप परिवार की ओर से लगाए गए हैं। परिवार ने सीबीआई जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई है।

घर-दुकान पर बुलडोजर, मेडिकल स्टोर में आगजनी

बुधवार को प्रशासन ने अश्विनी कुमार के घर और मेडिकल स्टोर पर बुलडोजर चलाया। अधिकारियों ने निर्माण को अनधिकृत बताया। दूसरी ओर, भीड़ ने दुकान में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। बुलडोजर कार्रवाई और आगजनी के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया।

विपक्ष ने कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा

झोटा की हत्या के बाद बीजेपी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब की कानून-व्यवस्था और नशे के खिलाफ सरकारी अभियान पर सवाल उठाए हैं। बीजेपी ने सीबीआई जांच की मांग की है और राज्यभर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। अकाली दल के नेताओं ने भी सरकार की जवाबदेही और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई। कांग्रेस नेता राजा वड़िंग ने झोटा के परिवार से मुलाकात की। आम आदमी पार्टी की ओर से शुरुआती प्रतिक्रिया में हत्या को पुरानी निजी रंजिश से जोड़कर देखा गया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया गया।

16 अक्टूबर को मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 16 अक्टूबर को फिल्लौर स्थित पंजाब पुलिस अकादमी में नशा-विरोधी अभियान और कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक बुलाई है। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, प्रशासनिक सचिवों और जिलों के उपायुक्तों के शामिल होने की योजना है। इसमें नशे के हॉटस्पॉट, विभागों के बीच तालमेल, गांवों और वार्डों की रक्षा समितियों, जागरूकता तथा पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी है।

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