एक तरफ CBI जांच रोकने की सरकार की कोशिश, दूसरी तरफ कैंप ऑफिस और OSD के ठिकानों पर सर्च; भगवंत मान बोले- “BJP ने पंजाब चुनाव की तैयारी शुरू कर दी!”

आरके सेठी,
चंडीगढ़, 6 अक्तूबर।
पंजाब की सियासत में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के CBI जांच के आदेश के अगले ही दिन केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीमें मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ स्थित कैंप ऑफिस पहुंचीं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुम्मन से जुड़े कई ठिकानों पर भी सर्च शुरू हुई।
सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची, CBI मैदान में उतरी
पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए मंगलवार तड़के करीब 1:42 बजे सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल की। सरकार ने मामले की अर्जेंट सुनवाई की मांग की। सुप्रीम कोर्ट में मामले को बुधवार या गुरुवार को सुनने के संकेत दिए गए। इसी बीच CBI ने हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर अपनी कार्रवाई शुरू कर दी।
कैंप ऑफिस से OSD के ठिकानों तक सर्च
CBI की कार्रवाई मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस तक सीमित नहीं रही। चंडीगढ़ में OSD राजबीर सिंह घुम्मन के आवास के अलावा संगरूर के घराचों स्थित उनके घर और मोहाली में भी सर्च की जानकारी सामने आई। संगरूर में CBI टीम के पहुंचने और कार्रवाई शुरू होने की सूचना शाम करीब 6:10 बजे सामने आई।
मामले की शुरुआत ED की चिट्ठियों से
पूरे मामले की शुरुआत ED की ओर से पंजाब के DGP को भेजी गई तीन चिट्ठियों से हुई थी। ED ने कथित भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों पर FIR दर्ज करने की मांग की थी। आरोपों में सरकारी ट्रांसफर-पोस्टिंग, सरकारी पॉलिसी और टेंडर से जुड़े कथित लेनदेन तथा प्रभाव के इस्तेमाल के आरोप शामिल बताए गए हैं। इन आरोपों में CM के OSD राजबीर सिंह घुम्मन समेत कुछ अन्य लोगों के नाम सामने आए।
हाईकोर्ट ने CBI जांच का आदेश क्यों दिया?
हाईकोर्ट के सामने सवाल यह भी था कि ED की ओर से सामग्री दिए जाने के बावजूद पंजाब पुलिस ने FIR क्यों दर्ज नहीं की। अदालत ने उपलब्ध सामग्री को प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध की ओर इशारा करने वाला माना और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI को जांच सौंप दी। CBI को क्रिमिनल केस दर्ज कर जांच करने और दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया।
सरकार ने CBI के अधिकार क्षेत्र पर उठाया सवाल
पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए CBI के अधिकार क्षेत्र और फेडरल स्ट्रक्चर का सवाल उठाया है। सरकार का कहना है कि पंजाब में CBI जांच को लेकर जनरल कंसेंट पहले ही वापस लिया जा चुका है। सरकार ने इसी आधार पर हाईकोर्ट के आदेश पर रोक की मांग की है।
CBI कार्रवाई के बीच भगवंत मान का BJP पर हमला
CBI की कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने X पर BJP पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP ने पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है और उन्हें तथा पंजाब सरकार को बदनाम करने के लिए ED और CBI का इस्तेमाल किया जा रहा है। मान ने कहा कि BJP पंजाब में उनके प्रति लोगों के समर्थन से घबराई हुई है।
BJP का आरोपों पर अलग नैरेटिव
दूसरी तरफ BJP नेताओं ने CBI जांच को भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच से जोड़ते हुए पंजाब सरकार से जवाब मांगा है। BJP का कहना है कि अगर आरोप गलत हैं तो जांच में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। इस मामले को लेकर AAP और BJP के बीच राजनीतिक टकराव भी तेज हो गया है।
अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नजर
पंजाब सरकार की SLP पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई अगले एक-दो दिनों में होने की संभावना है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट के CBI जांच आदेश पर रोक लगाता है या जांच को आगे बढ़ने देता है। इस बीच CBI की कार्रवाई हाईकोर्ट के मौजूदा आदेश के तहत जारी है।
एक दिन में बदल गया पूरा घटनाक्रम
हाईकोर्ट का CBI जांच आदेश, मंगलवार तड़के 1:42 बजे पंजाब सरकार की SLP, सुप्रीम कोर्ट में अर्जेंट सुनवाई की मांग और उसी दिन मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस तथा OSD के ठिकानों पर CBI सर्च- कुछ ही घंटों में मामला पंजाब की राजनीति और न्यायिक प्रक्रिया के दो बड़े मोर्चों पर पहुंच गया है।

