48 हरियाणा BJP विधायकों की PM मोदी के साथ बैठक में कई मुद्दे, लेकिन पंजाब कनेक्शन भी अहम; सैनी पहले से मोर्चे पर, क्या BJP हरियाणा की पूरी राजनीतिक मशीनरी को 2027 में उतारने की तैयारी में है?

आरके सेठी
चंडीगढ़, 3 अक्टूबर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, प्रदेश BJP अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता और सभी 48 BJP विधायकों की दिल्ली में हुई बैठक हरियाणा BJP के लिए बड़ा राजनीतिक और संगठनात्मक घटनाक्रम है। बैठक का एजेंडा सिर्फ पंजाब नहीं था। हरियाणा सरकार के कामकाज, जनकल्याणकारी योजनाओं, संगठन और मौजूदा राजनीतिक हालात से जुड़े मुद्दे भी इसके केंद्र में थे। लेकिन इसी घटनाक्रम के बीच पंजाब 2027 का एक सवाल जरूर उभरता है- क्या BJP अब हरियाणा की राजनीतिक मशीनरी को भी पंजाब की चुनावी तैयारी से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है?
बैठक हरियाणा की, पंजाब कनेक्शन क्यों अहम?
48 विधायकों की मोदी के साथ बैठक ऐसे समय हुई है जब हरियाणा में वोटर लिस्ट के SIR को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है। साथ ही BJP में हाल में संगठनात्मक बदलाव हुए हैं और स्मृति ईरानी को हरियाणा का प्रभारी बनाया गया है। इसलिए बैठक का अपना हरियाणा एजेंडा काफी व्यापक है। BJP हरियाणा नेतृत्व ने भी बैठक को पंजाब चुनाव की बैठक के तौर पर पेश नहीं किया है। ऐसे में पंजाब कनेक्शन को बैठक के घोषित एजेंडे के बजाय BJP की पिछले कुछ महीनों की गतिविधियों के संदर्भ में देखना ज्यादा सही होगा।
सैनी पहले ही पंजाब में मोर्चे पर
पंजाब के साथ हरियाणा BJP का राजनीतिक कनेक्शन नया नहीं है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पिछले कई महीनों से पंजाब में पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। जनवरी में मुक्तसर के माघी मेले से लेकर हाल के दौरों तक उन्होंने पंजाब में BJP का राजनीतिक संदेश रखा है। सैनी ने हरियाणा की वेलफेयर स्कीम्स और शासन मॉडल को पंजाब के सामने उदाहरण के तौर पर पेश किया है। अगस्त में उन्होंने कहा था कि 2027 में पंजाब में BJP सरकार बनने पर हरियाणा की सफल जनकल्याणकारी योजनाएं पंजाब में भी लागू की जाएंगी।
हरियाणा मॉडल से पंजाब तक
सैनी की सक्रियता सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं है। जून में हरियाणा सरकार की आधिकारिक रिलीज में उन्होंने कहा था कि राज्य की वेलफेयर स्कीम्स पंजाब में चर्चा का विषय हैं। जुलाई में BJP ने हरियाणा के गुरुग्राम और फरीदाबाद के विकास को भी पंजाब के सामने एक मॉडल के तौर पर पेश किया। यानी BJP के पंजाब नैरेटिव में हरियाणा अब एक राजनीतिक उदाहरण के रूप में लगातार मौजूद है।
अब सवाल सैनी से आगे का है
यहीं आज की 48 विधायकों वाली बैठक का पंजाब एंगल महत्वपूर्ण हो जाता है। अगर हरियाणा का मुख्यमंत्री पहले से पंजाब में BJP के लिए सक्रिय है, तो क्या आने वाले महीनों में हरियाणा के दूसरे मंत्री, विधायक और संगठन के नेता भी पंजाब की अलग-अलग विधानसभा सीटों पर जिम्मेदारी संभालेंगे? कुछ रिपोर्टों में हरियाणा BJP के नेताओं की पंजाब में चुनावी भूमिका का उल्लेख हुआ है।
BJP का पंजाब अभियान पहले ही विस्तृत हो चुका है
पंजाब में BJP का चुनावी आउटरीच भी अब बड़े स्तर पर चल रहा है। सितंबर में पार्टी की ‘नशा मुक्त यात्रा’ ने सभी 117 विधानसभा सीटों को कवर किया और 30 सितंबर को जालंधर में अमित शाह की रैली के साथ अभियान समाप्त हुआ। इस दौरान नायब सैनी समेत दूसरे राज्यों के BJP नेता भी पंजाब में सक्रिय रहे। यानी पंजाब की लड़ाई में बाहरी नेताओं और दूसरे राज्यों के संगठनात्मक नेटवर्क का इस्तेमाल पहले से दिखाई दे रहा है।
हरियाणा की मशीनरी क्यों महत्वपूर्ण हो सकती है?
हरियाणा और पंजाब की भौगोलिक नजदीकी के साथ दोनों राज्यों के बीच सामाजिक और कारोबारी संपर्क भी हैं। ऐसे में अगर BJP हरियाणा के विधायकों और संगठन के नेताओं को पंजाब की सीटों पर व्यवस्थित जिम्मेदारियां देती है, तो उनका इस्तेमाल सिर्फ रैलियों तक सीमित नहीं रहेगा। स्थानीय संपर्क, क्षेत्रीय फीडबैक और चुनावी संगठन के स्तर पर भी यह नेटवर्क काम आ सकता है। हालांकि BJP ने अभी ऐसी किसी पूरी व्यवस्था का सार्वजनिक खाका सामने नहीं रखा है।
अभी फैसला नहीं, लेकिन सवाल बड़ा है
आज की बैठक के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि BJP ने हरियाणा की पूरी राजनीतिक मशीनरी को पंजाब में उतारने का फैसला कर लिया है। बैठक का घोषित संदर्भ हरियाणा था और पंजाब उसका केंद्रीय एजेंडा सामने नहीं आया है। लेकिन सैनी की लगातार पंजाब सक्रियता, हरियाणा मॉडल का प्रचार और पंजाब में दूसरे राज्यों के नेताओं की मौजूदगी को साथ रखकर देखें तो सवाल जरूर बनता है- क्या BJP 2027 की 117 सीटों वाली लड़ाई में पंजाब संगठन के साथ हरियाणा की अपनी राजनीतिक मशीनरी को भी व्यवस्थित तरीके से उतारने जा रही है? इसका जवाब आने वाले महीनों में नेताओं की जिम्मेदारियों और पंजाब की अलग-अलग सीटों पर उनकी सक्रियता से मिलेगा।

