पंजाब कांग्रेस में बदलाव की आहट के बीच अध्यक्ष पद के लिए कई नाम चर्चा में, हाईकमान के फैसले पर टिकी नजर!

आरके सेठी,
चंडीगढ़, 30 सितम्बर।
कांग्रेस में पंजाब को लेकर अगले 48 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं। सूत्रों के हवाले से सामने आ रही जानकारी के मुताबिक पार्टी हाईकमान ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को बदलने की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। संकेत हैं कि अगले दो दिनों में पंजाब कांग्रेस को नया अध्यक्ष मिल सकता है और वड़िंग को जल्द ही दिल्ली बुलाया जा सकता है।
वड़िंग को हटाने पर हाईकमान की हरी झंडी?
सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के दौरान पंजाब के कुछ वरिष्ठ नेताओं को नेतृत्व में बदलाव के संकेत दिए गए। बताया जा रहा है कि वड़िंग खेमे तक भी बदलाव की संभावना का संदेश पहुंचा है। अब सचिन पायलट और राहुल गांधी के बीच होने वाली प्रस्तावित बैठक के बाद इस प्रक्रिया को अंतिम रूप दिए जाने की चर्चा है।
राहुल-खड़गे-पायलट-वेणुगोपाल की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बनी अहम कड़ी
सूत्रों के मुताबिक पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल और पंजाब के प्रभारी बनाए गए सचिन पायलट के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा हो चुकी है। बताया जा रहा है कि इसी चर्चा में पंजाब संगठन में बदलाव को लेकर आगे की प्रक्रिया तय की गई।
सचिन पायलट की एंट्री से बदले पंजाब कांग्रेस के समीकरण
5 सितम्बर को सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया प्रभारी बनाए जाने के बाद पार्टी के अंदर समीकरण तेजी से बदले हैं। इससे पहले भूपेश बघेल पंजाब के प्रभारी थे। पायलट की नियुक्ति के बाद से ही कांग्रेस के अंदर यह चर्चा तेज थी कि क्या प्रदेश अध्यक्ष के स्तर पर भी बदलाव होगा। अब सामने आ रही जानकारी इस चर्चा को और मजबूत करती है।
जुलाई में वड़िंग को बरकरार रखने का फैसला फिर चर्चा में
जुलाई में कांग्रेस हाईकमान ने संगठन में फेरबदल करते हुए वड़िंग को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर बरकरार रखा था, जबकि प्रताप सिंह बाजवा को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी जारी रखी गई थी। वहीं चरणजीत सिंह चन्नी को कैंपेन कमेटी की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके अलावा कई वरिष्ठ नेताओं को मेनिफेस्टो कमेटी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई थीं। उस समय भी वड़िंग को लेकर पार्टी के भीतर मतभेद सामने आए थे।
चन्नी खेमे की नाराजगी बनी हुई थी बड़ा फैक्टर
वड़िंग को अध्यक्ष बनाए रखने के फैसले के बाद चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक खेमे की नाराजगी की चर्चा लगातार बनी रही। इसके बाद भी पंजाब कांग्रेस के अलग-अलग नेताओं के बीच दूरी कई मौकों पर दिखाई दी। ऐसे में नए अध्यक्ष के चयन में चन्नी खेमे की स्वीकार्यता को भी महत्वपूर्ण फैक्टर माना जा रहा है।
संभावित दावेदारों में इन नामों की चर्चा
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए जिन नामों की चर्चा सूत्रों के हवाले से सामने आ रही है, उनमें पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, विधायक परगट सिंह, सांसद गुरजीत सिंह औजला और विधायक सुखबिंदर सिंह सरकारिया शामिल हैं। इनमें से किस नाम पर अंतिम फैसला होता है, इसकी आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
परगट, सरकारिया और औजला पहले से संगठन की अहम जिम्मेदारी में
परगट सिंह, सुखबिंदर सिंह सरकारिया और गुरजीत सिंह औजला को पहले ही 2027 विधानसभा चुनाव के लिए मेनिफेस्टो कमेटी में सह-अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा चुकी है। तीनों नेताओं का संगठन और चुनावी तैयारियों में सक्रिय रोल है। इसलिए इन नामों को संभावित प्रदेश अध्यक्षों की चर्चा में खास महत्व मिल रहा है।
चन्नी का नाम क्यों महत्वपूर्ण?
चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब कांग्रेस के उन वरिष्ठ नेताओं में हैं जिनका नाम प्रदेश अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों में लगातार चर्चा में रहा है। जुलाई में उन्हें कैंपेन कमेटी की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद भी उनके खेमे की ओर से प्रदेश संगठन को लेकर असंतोष की खबरें आती रही हैं। ऐसे में अगर हाईकमान नेतृत्व परिवर्तन करता है तो चन्नी खेमे के साथ तालमेल को भी एक महत्वपूर्ण राजनीतिक पहलू माना जा रहा है।
प्रताप बाजवा भी संभावित नामों में
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा का नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल बताया जा रहा है। बाजवा लंबे समय से पंजाब कांग्रेस की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं और संगठन के भीतर उनका अपना प्रभाव है। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष की दोनों जिम्मेदारियां एक साथ किस तरह संतुलित होंगी, यह भी निर्णय के दौरान महत्वपूर्ण सवाल रहेगा।
विजय इंदर सिंगला का नाम भी चर्चा में
पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला का नाम भी संभावित दावेदारों की सूची में सामने आया है। पार्टी संगठन में उनकी सक्रियता और पंजाब की राजनीति में लंबे अनुभव के कारण उन्हें भी संभावित विकल्पों में गिना जा रहा है। हालांकि अंतिम फैसला हाईकमान स्तर पर ही होना है।
विधायक या पूर्व विधायक को मिल सकती है प्राथमिकता?
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस में यह विचार भी चल रहा है कि नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए सांसद के बजाय मौजूदा विधायक या पूर्व विधायक को प्राथमिकता दी जा सकती है। इसके साथ ही किसी नए जाट चेहरे को भी जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। हालांकि यह अभी सूत्रों के स्तर पर चल रही संभावनाएं हैं।
सोनिया गांधी की भूमिका की भी चर्चा
सूत्रों के मुताबिक पंजाब कांग्रेस के संभावित नेतृत्व को लेकर वरिष्ठ नेताओं से फीडबैक लेने की प्रक्रिया भी चली है। सोनिया गांधी के कार्यालय की ओर से पंजाब के कुछ नेताओं से वड़िंग और अन्य संभावित नामों को लेकर जानकारी लेने की बात भी सामने आई है। हालांकि इस पूरी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
पायलट की रिपोर्ट बनी अहम कड़ी?
सचिन पायलट के पंजाब प्रभारी बनने के बाद पार्टी के अंदरूनी हालात को लेकर उनकी रिपोर्ट को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पायलट ने पंजाब के नेताओं के साथ लगातार बैठकें की हैं और संगठन को चुनाव के लिए तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है। 15 सितम्बर को वरिष्ठ नेताओं के साथ संयुक्त मंच पर उनकी मौजूदगी ने भी यह संकेत दिया था कि पार्टी संगठन को एक साथ लाने की कोशिश कर रही है।
48 घंटे में क्या बदलेगा?
अभी तक सबसे मजबूत सूचना प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को बदले जाने को लेकर है। इसके अलावा पंजाब कांग्रेस संगठन में और कौन-कौन से बदलाव होंगे, इस पर आधिकारिक तस्वीर साफ नहीं है। इसलिए अगले 48 घंटे में सिर्फ अध्यक्ष पद पर फैसला होता है या संगठन के दूसरे स्तरों पर भी फेरबदल होता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
2027 से पहले कांग्रेस के लिए बड़ा संगठनात्मक सवाल
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अलग-अलग खेमों को एक संगठनात्मक ढांचे में साथ लाने की है। नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा ऐसे समय हो रही है जब पार्टी चुनावी समितियां गठित कर चुकी है और संगठन को चुनावी मोड में ले जाने की कोशिश कर रही है। सचिन पायलट ने भी हाल में पंजाब में कांग्रेस को एकजुट टीम के तौर पर चुनाव लड़ने की बात कही है।
फिलहाल नाम पर आधिकारिक मुहर बाकी
कुल मिलाकर पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया सक्रिय होने की खबरें हैं और अगले दो दिनों को लेकर राजनीतिक हलकों में खास नजर बनी हुई है। संभावित नामों की सूची में कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष के रूप में किस नाम पर अंतिम मुहर लगेगी, इसकी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

