लुधियाना से अभियान लॉन्च, 2.68 लाख बूथ सदस्य 25,332 बूथों पर घर-घर जाएंगे; मान बोले- जो किया है उसका हिसाब लेकर जनता के बीच जाएंगे

आरके सेठी
चंडीगढ़, 19 सितम्बर।
पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी ने शनिवार को लुधियाना से अपने चुनावी कैंपेन का औपचारिक आगाज कर दिया। पक्खोवाल रोड स्थित इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी का चुनावी पैम्फलेट जारी किया और साफ संकेत दिया कि इस बार AAP का मुख्य चुनावी फोकस नई गारंटियां देने के बजाय अपनी सरकार के अब तक के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखने पर रहेगा। पार्टी नेतृत्व के मुताबिक जनता के बीच यह बताया जाएगा कि 2022 में किए गए वादों में क्या-क्या पूरा हुआ और सरकार ने उन वादों से आगे क्या काम किए।
नो फ्रेश प्रॉमिसेज, पहले काम का हिसाब
AAP के कैंपेन की सबसे अहम बात यह है कि पार्टी फिलहाल नई गारंटियों के बजाय पिछले करीब साढ़े चार साल के शासन को चुनावी मुद्दा बनाने जा रही है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पार्टी जनता के पास अपने काम का हिसाब लेकर जाएगी और लोगों से यह भी पूछेगी कि आगे उनसे क्या काम करवाना चाहते हैं। यानी 2027 के शुरुआती कैंपेन में AAP का फोकस नए वादों की सूची के बजाय मौजूदा सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को घर-घर पहुंचाने पर रहेगा।
25,332 बूथों पर उतरेगी 2.68 लाख की टीम
इस रिपोर्ट कार्ड को घर-घर पहुंचाने के लिए AAP ने अपने बूथ संगठन को मैदान में उतारने की तैयारी की है। पार्टी के मुताबिक 2,68,553 बूथ कमेटी सदस्य पंजाब के 25,332 पोलिंग बूथों पर लोगों तक पहुंचेंगे। यह अभियान 20 सितम्बर से शुरू होगा और करीब एक महीने तक चलाने की योजना है। मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद अपनी विधानसभा सीट धूरी से डोर-टू-डोर कैंपेन में शामिल होंगे। पार्टी के लिए यह सिर्फ चुनावी प्रचार नहीं, बल्कि बूथ स्तर पर अपनी संगठनात्मक मशीनरी को सक्रिय करने का भी बड़ा अभियान है।
सरकार के काम के साथ जनता का फीडबैक भी
AAP के पंजाब अध्यक्ष अमन अरोड़ा के मुताबिक बूथ कार्यकर्ता घर-घर जाकर सरकार के काम और योजनाओं की जानकारी देने के साथ लोगों की समस्याएं और स्थानीय मुद्दे भी वापस सरकार तक पहुंचाएंगे। यानी पार्टी के इस अभियान में एक तरफ उपलब्धियों का प्रचार होगा तो दूसरी तरफ जनता से फीडबैक लेने की कोशिश भी होगी। पार्टी ने इसके साथ राज्यव्यापी मेंबरशिप ड्राइव शुरू करने की भी घोषणा की है, जिससे चुनावी अभियान के साथ संगठन को विस्तार देने का प्रयास दिखाई दे रहा है।
रिपोर्ट कार्ड में बिजली से लेकर स्कूल, रोजगार और कारोबार तक
AAP के मुताबिक घर-घर अभियान में बिजली, किसानों और नहरी पानी, सरकारी स्कूलों, रोजगार, खेल सुविधाओं, व्यापार और कारोबार से जुड़े कामों को प्रमुखता से रखा जाएगा। पार्टी नेतृत्व का दावा है कि 2022 में जिन गारंटियों के साथ वह सत्ता में आई थी, उनमें से सभी को पूरा किया गया है और सरकार ने कई ऐसे काम भी किए हैं जिनका चुनाव से पहले वादा नहीं किया गया था। इन दावों का अंतिम मूल्यांकन जनता के सामने राजनीतिक बहस का हिस्सा रहेगा।
19 टोल प्लाजा बंद करने और रोड सेफ्टी का भी जिक्र
मुख्यमंत्री मान ने लुधियाना के कार्यक्रम में सरकार के कामकाज का उदाहरण देते हुए 19 टोल प्लाजा बंद करने और इससे पंजाब के लोगों को रोजाना करीब 64 लाख रुपये की बचत होने का दावा किया। उन्होंने रोड सेफ्टी फोर्स का भी उल्लेख किया और दावा किया कि इसके चलते सड़क हादसों में होने वाली मौतों में बड़ी कमी आई है तथा करीब 2,700 लोगों की जान हर साल बचाई जा रही है। ये आंकड़े सरकार और AAP के दावे के रूप में सामने रखे गए हैं।
एक अक्टूबर से महिलाओं को क़िस्त और कर्मचारियों की डीए बढ़ोतरी भी मुद्दा
कैंपेन लॉन्च के दौरान मान ने महिलाओं के लिए चल रही मावां-धियां योजना की अगली किस्त 1 अक्टूबर से जारी होने की बात कही। इसके अलावा एक दिन पहले पंजाब सरकार ने करीब आठ लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 8 फीसदी डीए बढ़ोतरी का ऐलान किया था। ऐसे फैसलों को भी AAP अपने शासन के रिकॉर्ड के हिस्से के रूप में जनता के सामने रख सकती है। हालांकि डीए का फैसला चुनावी कैंपेन लॉन्च से एक दिन पहले हुआ है, इसलिए आने वाले दिनों में यह भी पार्टी के राजनीतिक संचार का हिस्सा बन सकता है।
विपक्ष पर भी मान का सीधा हमला
लुधियाना के मंच से मुख्यमंत्री मान ने कांग्रेस, बीजेपी और अकाली दल पर भी निशाना साधा। उन्होंने पंजाब में नशे के मुद्दे पर पिछली बीजेपी-अकाली सरकारों को घेरा और कहा कि जो दल पहले सत्ता में रहते हुए नशे के मुद्दे पर सवालों के घेरे में रहे, वे अब नशा विरोधी यात्राएं निकाल रहे हैं। मान ने यह भी आरोप लगाया कि अगर अकाली-बीजेपी गठबंधन सत्ता में लौटता है तो मौजूदा सरकार की कई योजनाएं और फैसले वापस लिए जा सकते हैं। ये मुख्यमंत्री मान के राजनीतिक आरोप और चुनावी दावे हैं।
बीजेपी की नशा यात्रा के बीच AAP का अलग चुनावी नैरेटिव
AAP का कैंपेन ऐसे समय शुरू हुआ है जब बीजेपी भी पंजाब में नशा विरोधी यात्रा के जरिए इसी मुद्दे को अपने शुरुआती चुनावी अभियान के केंद्र में ला रही है। एक तरफ बीजेपी नशे और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरने के लिए मैदान में है, तो दूसरी तरफ AAP अपने शासन के कामकाज, कल्याणकारी योजनाओं और संगठन की बूथ स्तर की ताकत को लेकर जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही है। इसी के साथ पंजाब में 2027 चुनाव के लिए शुरुआती राजनीतिक पोजिशनिंग अब जमीन पर दिखाई देने लगी है।
लुधियाना के लॉन्च के बाद अब असली परीक्षा घर-घर कैंपेन की
AAP ने लुधियाना में चुनावी पैम्फलेट जारी करके औपचारिक शुरुआत कर दी है, लेकिन अभियान का बड़ा चरण 20 सितम्बर से शुरू होगा। 25,332 बूथों पर 2.68 लाख से ज्यादा कार्यकर्ताओं का उतरना यह संकेत देता है कि पार्टी चुनावी तैयारी को अब संगठन के सबसे निचले स्तर तक ले जा रही है। अब इस अभियान के दौरान जनता सरकार के रिपोर्ट कार्ड, स्थानीय समस्याओं और पिछले वादों के आधार पर क्या फीडबैक देती है, यह AAP के अगले चरण के चुनावी नैरेटिव के लिए महत्वपूर्ण होगा।

