मजीठिया, हरसिमरत बादल और सुखपाल खैरा के खिलाफ क्रिमिनल मानहानि शिकायत; पांच करोड़ की कथित मांग से जुड़े आरोपों को बताया झूठा और मानहानिकारक

आरके सेठी
चंडीगढ़, 16 सितंबर।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर ने अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया, सांसद हरसिमरत कौर बादल और कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ क्रिमिनल मानहानि की शिकायत दाखिल की है। शिकायत चंडीगढ़ की अदालत में दाखिल की गई है। यह मामला उन सार्वजनिक आरोपों से जुड़ा है जिनमें डॉ. गुरप्रीत कौर को एक दुष्कर्म मामले के आरोपी को सरकारी तंत्र के जरिए मदद दिलाने के लिए कथित तौर पर पांच करोड़ की मांग से जोड़ा गया था। गुरप्रीत कौर ने अपनी शिकायत में इन आरोपों को झूठा, बेबुनियाद और मानहानिकारक बताया है।
एक सितंबर की प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र
शिकायत में 1 सितंबर को चंडीगढ़ में बिक्रम मजीठिया की प्रेस कॉन्फ्रेंस का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। गुरप्रीत कौर का आरोप है कि इस दौरान उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए और कथित लेन-देन को साबित करने के लिए ऑडियो रिकॉर्डिंग, तस्वीरें और CCTV फुटेज भी सामने रखे गए। गुरप्रीत कौर ने इन सामग्री की प्रामाणिकता और उनकी व्याख्या पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि इन आरोपों ने उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा और सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाया।
किन धाराओं के तहत शिकायत?
शिकायत BNSS की धाराओं 210 और 222 के तहत दाखिल की गई है और इसमें BNS की धारा 356 के तहत मानहानि के कथित अपराध का उल्लेख है। शिकायत में अदालत से तीनों नेताओं को तलब कर आपराधिक मानहानि की कार्यवाही आगे बढ़ाने और कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
पहले भी मिल चुकी है अंतरिम राहत
यह इस विवाद से जुड़ी पहली कानूनी कार्रवाई नहीं है। इससे पहले चंडीगढ़ की एक अदालत ने डॉ. गुरप्रीत कौर की सिविल याचिका पर बिक्रम मजीठिया, सुखपाल खैरा और रिटायर्ड जस्टिस रंजीत सिंह को उनके खिलाफ असत्यापित मानहानिकारक सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने से अंतरिम रूप से रोक लगाया था। अदालत ने उस मामले में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यक्ति के प्रतिष्ठा के अधिकार के बीच संतुलन की जरूरत पर जोर दिया था। इस मामले में अगली सुनवाई 30 सितंबर 2026 को निर्धारित है।

