पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं बीजेपी लीडर रवनीत बिट्टू बोले- कल मेरे पर फेंके थे, आज लौटा रहा हूं!

आरके सेठी
चंडीगढ़, 19 सितम्बर।
पंजाब की सियासत में शुक्रवार को बीजेपी नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर अंडे और पत्थर फेंके जाने के आरोप के अगले ही दिन शनिवार को इसका जवाब मुख्यमंत्री भगवंत मान के काफिले के सामने देखने को मिला। बिट्टू पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी यानी पीएयू के गेट नंबर 8 के पास अंडे, टमाटर और शराब की बोतल लेकर पहुंचे और मुख्यमंत्री के काफिले के सामने इन्हें दिखाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। उपलब्ध वीडियो और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बिट्टू ने इन चीजों को शुक्रवार की घटना से जोड़ते हुए कहा- “कल मेरे पर फेंके थे, आज लौटा रहा हूं।” इसके बाद पंजाब पुलिस ने बिट्टू को हिरासत में ले लिया। उपलब्ध रिपोर्ट्स के अनुसार बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
“कल मेरे काफिले पर फेंके थे, आज वापस कर रहा हूं”
बिट्टू ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि शुक्रवार को जब वह बीजेपी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ में शामिल होने के लिए पठानकोट जा रहे थे, तब बटाला के पास उनके काफिले पर अंडे और पत्थर फेंके गए थे। बिट्टू का कहना था कि आज वह वही चीजें मुख्यमंत्री के काफिले के सामने वापस करने आए हैं। उन्होंने कहा कि अगर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता बीजेपी नेताओं, रैलियों और यात्राओं का विरोध करेंगे तो बीजेपी कार्यकर्ता भी पंजाब सरकार और उसके नेताओं के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का अधिकार रखते हैं। बिट्टू ने साफ कहा कि बीजेपी अब चुप नहीं बैठेगी और पंजाब से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी।
शराब की बोतल उठाकर मुख्यमंत्री के काफिले को दिखाई
प्रदर्शन के दौरान बिट्टू के हाथ में शराब की बोतल भी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने बोतल मुख्यमंत्री के काफिले की ओर उठाई और इसे भी “वापस” करने की बात कही। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर तीखी राजनीतिक टिप्पणियां कीं। बिट्टू ने अपने प्रदर्शन को एक दिन पहले अपने काफिले पर हुए कथित हमले के जवाब के तौर पर पेश किया।
काफिला गुजरते समय अंडे-टमाटर फेंकने की कोशिश, पुलिस ने रोका
मुख्यमंत्री भगवंत मान शनिवार को पीएयू में किसान मेले के कार्यक्रम में पहुंचे थे। इसी दौरान बिट्टू गेट नंबर 8 के पास मौजूद थे। उपलब्ध वीडियो और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बिट्टू ने मुख्यमंत्री के काफिले के गुजरने के दौरान अंडे-टमाटर और शराब की बोतल के साथ प्रदर्शन किया और अंडे-टमाटर काफिले की तरफ फेंकने की कोशिश भी की। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका और इसके बाद हिरासत में ले लिया। बाद की रिपोर्ट्स में उनके रिहा किए जाने की जानकारी भी सामने आई।
एक दिन पहले बटाला में बिट्टू के काफिले पर हमले का आरोप
दरअसल, इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत शुक्रवार को बटाला के पास हुई घटना से हुई थी। बिट्टू अमृतसर से पठानकोट जा रहे थे और उन्हें बीजेपी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ में शामिल होना था। बिट्टू ने आरोप लगाया था कि घसितपुरा गांव के पास उनके काफिले को निशाना बनाया गया और अंडे तथा पत्थर फेंके गए। उनका दावा था कि काफिले की दो एस्कॉर्ट गाड़ियों के शीशे टूटे और जैमर वाहन को भी नुकसान पहुंचा। बिट्टू ने यह भी आरोप लगाया था कि हमले के पीछे आम आदमी पार्टी से जुड़े लोग थे।
बिट्टू ने विधायक समेत AAP नेताओं पर लगाए आरोप
बटाला की घटना के बाद बिट्टू ने आम आदमी पार्टी से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने विधायक का नाम लेते हुए आरोप लगाया था कि उनकी नशा विरोधी यात्रा को रोकने के लिए लोगों को भेजा गया। बिट्टू का यह भी दावा था कि उनकी सुरक्षा टीम ने कुछ लोगों को पकड़ा था।
AAP ने आरोपों से किया इनकार
बटाला की घटना में आम आदमी पार्टी की तरफ से बिट्टू के आरोपों को खारिज किया गया। उपलब्ध रिपोर्ट्स के अनुसार आप नेता जोबन रंधावा ने कहा कि उनके कार्यकर्ता शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे और आरोप लगाया कि बिट्टू ने अपने समर्थकों के जरिए उन्हें निशाना बनाया। इस तरह बटाला की घटना को लेकर बीजेपी और आप की तरफ से बिल्कुल अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
“कुछ हुआ तो सीएम और डीजीपी जिम्मेदार होंगे”
शुक्रवार की घटना के बाद बिट्टू ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि यदि उन्हें या उनके साथ मौजूद लोगों को कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के डीजीपी की होगी। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग की थी। बिट्टू ने यह भी कहा था कि उन्होंने मामले की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय तक पहुंचाई है।
दो दिन में राजनीतिक टकराव का नया दृश्य
शुक्रवार को बीजेपी की नशा विरोधी यात्रा में जा रहे बिट्टू के काफिले पर अंडे-पत्थर फेंके जाने के आरोप से शुरू हुआ घटनाक्रम शनिवार को मुख्यमंत्री के काफिले के सामने अंडे-टमाटर और शराब की बोतल लेकर बिट्टू के प्रदर्शन तक पहुंच गया। एक दिन पहले बिट्टू अपने काफिले पर हुए कथित हमले को लेकर सरकार और पुलिस पर सवाल उठा रहे थे, वहीं अगले दिन उन्होंने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के सामने पहुंचकर उसी घटना का जवाब देने का दावा किया। इसके बाद उनकी हिरासत ने इस पूरे घटनाक्रम को पंजाब की मौजूदा राजनीतिक गतिविधियों में एक प्रमुख मुद्दा बना दिया है।
बीजेपी का संदेश- अब विरोध का जवाब विरोध से
बिट्टू ने कहा कि बीजेपी पंजाब के मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और पार्टी के नेताओं या यात्राओं के खिलाफ होने वाले प्रदर्शनों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों और कार्यालयों के बाहर भी जरूरत के मुताबिक प्रदर्शन जारी रखने की बात कही। इस घटनाक्रम के बीच एक तरफ बीजेपी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ चल रही है और दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर अपना अभियान तेज कर रही है। ऐसे में शुक्रवार और शनिवार को सामने आए दोनों घटनाक्रमों ने बीजेपी और आप के बीच राजनीतिक टकराव को एक नए तरीके से सामने ला दिया है।

